Monday, 30 September 2013

माँ भगवती की आराधना से मिलेगी विद्या

    वर्तमान समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उच्चतर शिक्षा एवं ज्ञान हासिल करके समस्त सुख-सुविधायें प्राप्त करने की तीव्र अभिलाषा   ने युवक तथा युवतियों को अति व्यस्त बना दिया है. अपने लक्ष्य को पाने के लिए वे दिन-रात मेहनत करते हैं, परन्तु कई बार के प्रयासों के बावजूद असफलता  ही हाथ लगती है. विद्या एवं ज्ञान की प्राप्ति के लिए शक्ति की आराध्या माँ भगवती की आराधना की जा सकती है. 
     शुक्ल पक्ष के किसी भी रविवार, सोमवार अथवा शुक्रवार से आरम्भ करके प्रतिदिन प्रातः काल में एकाग्रचित्त होकर माँ भगवती के सामने आसन लगाकर पूर्ण भक्ति भावना  के साथ इस श्लोक का 51 अथवा 101 बार जप करना चाहिए-
" जयंती मंगला काली भद्र  काली कपालिनी। 
  दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। 
 विद्या वन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तं जनं कुरु। 
 रूपं देहि  जयं देहि यशो देहि द्विषोजही।।"
     श्लोक पठन  से पूर्व जप करने वाले व्यक्ति को जगतजननी माँ दुर्गा भगवती के चित्र पर पुष्प माला अर्पित करके उनके समक्ष शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए तथा पुष्प, अक्षत, रोली आदि से पूजा-अर्चना करते हुए माँ भगवती, भगवान् शिव और गणेशजी का ध्यान करना चाहिए।श्लोक का उच्चारण करते समय स्वर मध्यम ही रहना चाहिए। 
     श्रद्धा और विश्वास के साथ इस श्लोक का नियमित जप करने से विद्या और लक्ष्मी की प्राप्ति के योग प्रबल बनते हैं. --- प्रमोद कुमार अग्रवाल, फलित ज्योतिष और वास्तु सलाहकार 

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