Saturday, 17 August 2013

19 अगस्त को मंगल का कर्क राशि में प्रवेश, मिलेंगे शुभ-अशुभ फल

   गोचर भ्रमण के चलते भूमि पुत्र मंगल ग्रह 19 अगस्त को पुनर्वसु नक्षत्र के चतुर्थ चरण एवं कर्क राशि में प्रवेश कर रहा है. कर्क राशि में 5 अक्तूबर तक बने रहकर मंगल विभिन्न राशियों  पर शुभ, अशुभ और मिश्रित प्रभाव उत्पन्न करेगा। भारतीय ज्योतिष के अनुसार कर्क मंगल की नीच राशि है. इस कारण इस अवधि में मंगल दूसरे ग्रहों की तुलना में शक्तिहीन और निर्बल हो जायेगा। मंगल के जातक की राशि से तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें स्थान पर आने से  शुभ प्रभाव तथा पहले,  चौथे, आठवें और बारहवें स्थान पर आने से अशुभ प्रभाव देखने को मिलेंगे। 

    ज्योतिष दिग्विजयी प्रमोद कुमार अग्रवाल के अनुसार मंगल के कर्क राशि में प्रवेश के बाद मेष, मिथुन, कर्क, मकर एवं मीन  राशि के जातकों को मानसिक संताप, कलह, कष्ट, अनावश्यक व्यय, वाद-विवाद, आपसी मतभेद, बनते कार्यों में रूकावट  जैसी समस्याओं  का सामना करना पड़ सकता है, जबकि वृष, सिंह, तुला, एवं कुम्भ राशि के जातकों के लिए मंगल शुभ और मेहरबान रहेगा जिससे इन राशि के जातकों को सुख, मानसिक शांति, धन लाभ, पदोन्नति, भूमि व वाहन सुख, आरोग्य, भाग्योदय के योग बनेंगे। वहीं वृश्चिक, धनु एवं कन्या राशि के जातकों को मिले-जुले अर्थात शुभ-अशुभ दोनों ही तरह के प्रभाव मिलेंगे। 

    ज्योतिषविद प्रमोद कुमार अग्रवाल के अनुसार मंगल के कर्क राशि में प्रवेश परिवर्तन से किसी को भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है. मंगल की शांति और शुभ प्रभाव प्राप्त करने के लिए श्री हनुमान जी की नियमित उपासना करने के साथ-साथ मंगल की वस्तुओं प्रवाल, मूंगा, तांबा, केसर, स्वर्ण, लाल रंग के वस्त्र, फल एवं पुष्प, लाल चन्दन, मसूर की दाल, गुड़, सिन्दूर आदि का दान मंगलवार के दिन दोपहर के समय किसी ब्रह्मचारी व्यक्ति को देना चाहिए। मंगल के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए यह भी बहुत आवश्यक है कि जातक मांसाहार, शराब, नशीले पदार्थों का भूलकर भी सेवन न करे और किसी भी तरह के अनैतिक कार्य करने से बचे. मंगल की शुभता के लिए पवित्रता और नियम पालन अनिवार्य माने गए हैं.   

No comments:

Post a Comment