Monday, 25 March 2013

भगवान् शिव की आराधना से होता है कल्याण

अपनी विशिष्ट महिमा और ज्योति से इस नश्वर संसार को प्रकाशित करके अधर्म का नाश करने वाले भगवान् शिव की पूजा अर्चना सम्पूर्ण विश्व में श्रृद्धा भाव से होती है। प्रतिमा, चित्र एवं लिंग के रूप में पूजनीय भगवान् शिव सभी का कल्याण करने वाले देव हैं। देश के अलग-अलग भागों में भगवान् शिव बारह जोतिर्लिंगों के रूप में न सिर्फ विराजमान हैं बल्कि उनके दर्शन के लिए देश विदेशों से भक्तजन आते हैं। 
 भगवान् शिव  सभी भक्तों के लिए सहज सुलभ हैं। बिल्व पात्र, पुष्प, फल, धतूरा, भांग, गंगा जल, दुग्ध, घृत, शहद, अन्न आदि से प्रसन्न होने वाले  भगवान् शिव  अपने भक्तों को सुख, समृद्धि, शांति, प्रेम, दया  रुपी आशीर्वाद प्रदान करते हैं।  लिंग रूप में भगवान् शिव निर्माण, पोषण और संहार के देव हैं।
 स्कन्द पुराण के अनुसार अनंत आकाश, लिंग ही है। ऋग्वेद में भी लिंग की उपासना का उल्लेख मिलता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के अलावा दशानन रावण द्वारा भी शिव लिंग की उपासना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया था। कूर्म पुराण में  भगवान् शिव ने स्वयं को विष्णु और देवी माना है। इस कारण  भगवान् शिव को देवाधिदेव महादेव भी कहा जाता है।
हमारे पुरातन धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव ने संसार को न्याय, प्रेम और शांति का सन्देश दिया था। उन्होंने अत्याचार का अंत करके अपने भक्तों को अभय दान दिया। पवनपुत्र हनुमान और भैरव के रूप में भगवान शिव ने जगत का कल्याण ही किया। महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव की उपासना का विशेष पर्व है, इस दिन निराहार रहकर भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। रात्रि जागरण करके भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो भक्त भगवान शिव की पूर्ण श्रद्धा भाव से आराधना करता है, उसे धन, धन्य, ज्ञान, बुद्धि, विवेक, संतान सुख, दीर्घायु एवं मोक्ष प्राप्त होते हैं। जीवन में आये दिन होने वाले तनाव और समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव का मन्त्र जप करना शुभ होता है। अकाल मृत्यु से बचने के लिए इस दिन विधि-विधान से महा मृत्युंजय मन्त्र का जप अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा "ॐ नमः शिवाय" का जोर-जोर से उच्चारण करने मात्र से मनुष्य को चमत्कारिक प्रभाव मिलने लगते हैं। गरल विष पान करके देवताओं की रक्षा करने वाले भगवान शिव की महिमा अपरम्पार है। सर्वव्यापी, पापियों के संहारक, देवताओं में श्रेष्ठ, भक्तों का कल्याण करने वाले भगवान शिव की उपासना और आराधना करना , समस्त कष्टों एवं ग्रह, नक्षत्रों के दोष और अशुभ प्रभाव को दूर करने वाला है। --- प्रमोद कुमार अग्रवाल, फलित ज्योतिष और वास्तु सलाहकार 
      

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