Friday, 14 December 2012

व्यवसाय और वास्तुशास्त्र


# वास्तु शास्त्र के अनुसार फेक्ट्री  अथवा व्यावसायिक स्थल के लिए चिकनी मिटटी वाले भूखंड का चयन करना शुभ रहता है। व्यावसायिक भूखंड में न तो शल्य दोष होना चाहिए और न ही भूखंड किसी कब्रिस्तान या शमशान घाट के नजदीक होना चाहिए।

# व्यवसाय की सफ़लता के लिए भूखंड का आकार आयताकार, वर्गाकार या षष्ठ भुजाकार या अष्ट भुजाकर होना शुभ होना चाहिए।

# व्यवसाय स्थल में भारी सामान रखने का स्थान और भण्डार घर हमेशा ईशान (उत्तर-पूर्व कोण) में अथवा आग्नेय (दक्षिण-पूर्व कोण) में ही बनाना चाहिए।

# चेक बुक, पास बुक, जमा बही, मुक़दमे से सम्बंधित कागजात आदि हमेशा ईशान कोण या पूर्व दिशा में ही रखना चाहिए।

# लेखा विभाग तथा लेखा अधिकारी के बैठने का स्थान व्यवसाय स्थल के उत्तरी भाग में रखना शुभ होता है।

# टेलीफोन और फैक्स मशीन पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना शुभ रहता है। इसी प्रकार कंप्यूटर को हमेशा मेज की दायीं ओर रखना चाहिए।

# मेज पर कभी भी फ़ाइलों का ढेर नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से कार्यालय में नकारात्मक ऊर्जा प्रवाहित होती रहती है।

-- प्रमोद कुमार अग्रवाल, ज्योतिषविद

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